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उत्तराखंड के लालकुआं में बेकाबू हुआ ट्रेन का कोच: बिना इंजन 150 मीटर दौड़कर पटरी से उतरा, बड़ा हादसा टला

लालकुआं (उत्तराखंड)। नैनीताल जिले के लालकुआं रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। यहाँ रेलवे यार्ड में खड़ा एक पैसेंजर ट्रेन का कोच (डिब्बा) अचानक बिना इंजन के ही ढलान पर दौड़ने लगा। करीब 150 मीटर तक तेज रफ्तार में दौड़ने के बाद कोच पटरी से उतर गया और एक मिट्टी के ढेर से टकराकर रुक गया। इस घटना से रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया।

बिना इंजन दौड़ा कोच, मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह लालकुआं रेलवे स्टेशन के वाशिंग लाइन यार्ड में हुई।

  • ढलान पर बेकाबू: यार्ड में खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन के कोच को सफाई के लिए अलग किया गया था। इसी दौरान, तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण कोच बिना इंजन के ही ढलान पर आगे की ओर दौड़ने लगा।
  • रेलवे कर्मियों की सतर्कता: कोच को बेकाबू दौड़ता देख रेलवे कर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया और कोच को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए।
  • 150 मीटर का सफर: कोच करीब 150 मीटर तक दौड़ता रहा। इस दौरान, रेलवे ट्रैक पर कोई अन्य ट्रेन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

पटरी से उतरा कोच, मिट्टी के ढेर से टकराया

कोच को रोकने के लिए रेलवे कर्मियों ने ट्रैक पर मौजूद ‘हंप’ (U-आकार का मोड़) का इस्तेमाल किया। ‘हंप’ पर चढ़ने के बाद कोच की रफ्तार कम हो गई और वह पटरी से उतर गया। पटरी से उतरने के बाद कोच पास ही मौजूद एक मिट्टी के ढेर से टकराकर रुक गया।

अधिकारियों का बयान: “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कोच बिना इंजन के दौड़ने लगा था। रेलवे कर्मियों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”

लापरवाही या तकनीकी खराबी? जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कोच बिना इंजन के कैसे दौड़ने लगा। क्या यह रेलवे कर्मियों की लापरवाही थी या कोच में कोई तकनीकी खराबी? जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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