Thursday, February 19, 2026

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उत्तराखंड के किसानों के लिए जापानी सौगात: जायका (JICA) के मेगा प्लान से चमकेगी 4000 किसानों की किस्मत; चार जिलों में शुरू होगा विशेष प्रोजेक्ट

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खेती-किसानी को लाभ का सौदा बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। जापान की अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी ‘जायका’ (Japan International Cooperation Agency) ने राज्य के चार चिन्हित जिलों के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और ‘तगड़ा’ प्लान तैयार किया है। इस परियोजना के तहत सीधे तौर पर 4000 किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और जापानी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से जोड़ा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों से पलायन रोकना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है।

किन चार जिलों का हुआ चयन?

जायका ने इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए भौगोलिक परिस्थितियों और कृषि क्षमता को देखते हुए निम्नलिखित जिलों को चुना है:

  • पिथौरागढ़
  • चमोली
  • उत्तरकाशी
  • टिहरी गढ़वाल

इन जिलों में जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर विशेष फसलों का चयन किया गया है, जिन्हें जापानी तकनीक से उगाया जाएगा।

जायका के ‘तगड़े प्लान’ की मुख्य विशेषताएं

जापानी एजेंसी केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि एक पूरी कार्यप्रणाली (Strategy) लेकर आई है:

  1. वैल्यू चेन डेवलपमेंट (Value Chain): किसानों को केवल फसल उगाना ही नहीं सिखाया जाएगा, बल्कि कटाई के बाद उसकी ग्रेडिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग के लिए गांवों में ही छोटे सेंटर बनाए जाएंगे।
  2. इंटरनेशनल मार्केट एक्सेस: जायका इन किसानों के उत्पादों (जैसे जैविक दालें, पहाड़ी फल और जड़ी-बूटियाँ) को जापानी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में ‘ब्रिज’ का काम करेगी।
  3. सिंचाई के जापानी मॉडल: पहाड़ों में पानी की कमी से निपटने के लिए कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली जापानी सिंचाई प्रणालियों (Micro-irrigation) को स्थापित किया जाएगा।
  4. हॉर्टीकल्चर पर जोर: सेब, कीवी और अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए जापानी विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

किसानों को क्या होगा सीधा लाभ?

इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से 4000 किसान परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आने वाला है:

  • आय में भारी वृद्धि: बिचौलियों की भूमिका खत्म होने और सीधे बाजार से जुड़ने के कारण किसानों की आय में दो से तीन गुना बढ़ोतरी की उम्मीद है।
  • तकनीकी ज्ञान: किसानों को जापानी विशेषज्ञों से आधुनिक खेती के गुर सीखने को मिलेंगे, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी।
  • रोजगार के अवसर: गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे अपनी जमीन पर ही काम करने के लिए प्रेरित होंगे।

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