रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की का दीक्षांत समारोह शुक्रवार को बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्नातक, परास्नातक और पीएचडी पाठ्यक्रमों से पास हुए छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं।
समारोह में कुलपति, संकाय सदस्यों, विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने भी शिरकत की। डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप की शक्ति से नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों के जरिए वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना रहा है।
मंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए करें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दें। उन्होंने शोध और नवाचार को देश की प्रगति की कुंजी बताया और कहा कि आने वाले समय में भारत विश्व का टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
समारोह में आईआईटी रुड़की के निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार यहां के शोध कार्य, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार देश-विदेश में संस्थान की पहचान को नई मजबूती दे रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने दीक्षांत समारोह को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया और संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे।





