गाजा/यरुशलम। इजरायल और हमास के बीच युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। गाजा पट्टी में इजरायली सेना और हमास लड़ाकों के बीच हुई सीधी भिड़ंत में कम से कम 71 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई रिहायशी इलाकों में तबाही के दृश्य हैं और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
सीधी मुठभेड़ में बढ़ा जनहानि का आंकड़ा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली सेना ने गाजा के उत्तरी और मध्य हिस्सों में हमास के ठिकानों पर ज़मीनी अभियान चलाया। जवाबी कार्रवाई में हमास के लड़ाकों ने भी गोलीबारी की, जिससे लड़ाई और तेज हो गई। बमबारी और रॉकेट हमलों की वजह से दर्जनों घर मलबे में तब्दील हो गए। अस्पतालों में घायलों की भीड़ है और डॉक्टरों को लगातार आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ रहा है।
71 की मौत, दर्जनों घायल
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि पिछले 24 घंटों में हुई कार्रवाई में 71 फलस्तीनी मारे गए हैं। इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, इजरायली सेना का कहना है कि उसने हमास के कई ठिकाने और हथियार डिपो तबाह किए हैं।
इजरायल का बयान
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि गाजा से लगातार रॉकेट दागे जाने और सुरंगों से घुसपैठ की कोशिशों के बाद यह अभियान चलाना ज़रूरी था। IDF प्रवक्ता के अनुसार, “हमारा लक्ष्य हमास की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करना और इजरायली नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
हमास का आरोप
दूसरी ओर, हमास ने आरोप लगाया है कि इजरायली सेना जानबूझकर नागरिक इलाकों और अस्पतालों को निशाना बना रही है। हमास प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आकर “इजरायल की आक्रामक कार्रवाई रोकनी चाहिए।”
मानवीय संकट गहराया
गाजा में लगातार बमबारी और बिजली आपूर्ति ठप होने से हालात बेहद खराब हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार, लाखों लोग पीने के पानी और भोजन की किल्लत झेल रहे हैं। कई इलाकों में दवाइयाँ खत्म हो चुकी हैं और घायलों का इलाज मुश्किल हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्धविराम पर सहमति बनाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी है कि “गाजा में हालात मानवीय आपदा की ओर बढ़ रहे हैं, अगर हिंसा तुरंत नहीं रुकी तो स्थिति और बिगड़ेगी।”





