हरिद्वार: मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव शनिवार को वसंत पंचमी के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए तीर्थ नगरी हरिद्वार पहुँचीं। आस्था के इस दौरे के बीच उस वक्त विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब मीडिया ने उनके निजी जीवन और सोशल मीडिया पर चल रही ‘तलाक’ की खबरों को लेकर सवाल पूछ लिया। इन व्यक्तिगत सवालों पर अपर्णा यादव बुरी तरह भड़क गईं और उन्होंने पत्रकारों को अपनी मर्यादा में रहने की नसीहत दे डाली।
गंगा घाट पर भक्ति भाव
अपर्णा यादव सुबह तड़के ही ‘हर की पैड़ी’ पहुँचीं, जहाँ उन्होंने विधि-विधान के साथ मां गंगा में डुबकी लगाई और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान वे पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आईं। गंगा स्नान के बाद उन्होंने घाट पर मौजूद पुरोहितों से आशीर्वाद लिया और कुछ देर वहां ध्यान भी लगाया।
विवाद की जड़: ‘तलाक’ की अफवाहों पर सवाल
स्नान के बाद जब वे मीडिया से मुखातिब हुईं, तो शुरुआत में उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक बातें कीं। लेकिन जैसे ही एक रिपोर्टर ने उनके और प्रतीक यादव के बीच अनबन तथा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘तलाक’ की खबरों पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी, अपर्णा का पारा चढ़ गया।
अपर्णा यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“यह मेरी निजी जिंदगी है और आपको किसी के व्यक्तिगत जीवन में दखल देने का कोई हक नहीं है। मैं यहाँ एक पवित्र कार्य के लिए आई हूँ और आप लोग ओछी बातें कर रहे हैं। पत्रकारिता का एक स्तर होना चाहिए, उसे इस तरह नीचे न गिराएं।”
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपर्णा यादव के वैवाहिक जीवन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, यादव परिवार या स्वयं अपर्णा की ओर से पहले कभी इन खबरों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। हरिद्वार में दिए गए उनके इस कड़े जवाब ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी निजी जिंदगी को लेकर उठ रहे सवालों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी।
राजनीति पर साधी चुप्पी
जब उनसे उत्तर प्रदेश की राजनीति और भाजपा की आगामी रणनीति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि आज वे केवल एक श्रद्धालु के रूप में यहाँ आई हैं और राजनीति पर बात करने के लिए यह सही समय और स्थान नहीं है।
प्रशासनिक सुरक्षा और वापसी
अपर्णा यादव के वीआईपी दौरे को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने हर की पैड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। संक्षिप्त प्रवास और विवाद के बाद वे भारी सुरक्षा घेरे के बीच वापस लौट गईं। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक हस्तियों की ‘प्राइवेसी’ और मीडिया की ‘रिपोर्टिंग’ की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है।





