केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार इस बात पर अडिग है कि देश में मौजूदा आरक्षण प्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मुसलमानों को आरक्षण देकर एससी, एसटी और ओबीसी के लिए कोटा कम कर दिया।गृह मंत्री शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का मजाक उड़ाया और कहा कि कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में हार के बाद वह ‘अहंकारी’ हो गए हैं। शाह ने कहा, ‘विपक्ष ने दावा किया कि हम संविधान बदल देंगे। हमने आरक्षण को नहीं छुआ है। कांग्रेस ने मुसलमानों को आरक्षण दिया और एससी, एसटी और ओबीसी के लिए इसे कम कर दिया। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम आरक्षण की मौजूदा प्रणाली से छेड़छाड़ नहीं करेंगे।’ अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जितनी सीटें जीतीं, वह पिछले तीन चुनावों में विपक्षी पार्टी द्वारा जीती सीटों से ज्यादा थीं। शाह ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम है, जिनमें ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना, असंवैधानिक वक्फ अधिनियम में संशोधन और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना शामिल है।अदाणी समूह और मोदी सरकार के खिलाफ अमेरिकी अदालत में आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, शाह ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी जैसे नेता विदेशी संस्थानों से प्रेरणा ले रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार ने हमेशा साफ किया है कि भ्रष्टाचार उनकी संस्कृति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अगर उनके पास सबूत हैं तो वे अदालत क्यों नहीं जाते? पेगासस मामले में लगाए गए आरोपों का क्या हुआ? अगर इन आरोपों में कोई सच्चाई है, तो अदालतें हैं। किसी ने भी मोदी सरकार के खिलाफ अब तक कोई सबूत नहीं दिया है।’
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद की स्थिति पर शाह ने कहा कि पिछले एक साल में जम्मू-कश्मीर में हालात बेहतर हुए हैं, 2 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए हैं, सिनेमा हॉल खुले हैं, और चुनाव शांतिपूर्वक हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार 2026 तक भारत को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की ताकत को 70 प्रतिशत तक खत्म किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से 300 से अधिक उग्रवादी मारे गए हैं और 900 गिरफ्तार किए गए हैं।
विपक्ष द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में व्यवधान डालने पर शाह ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने फैसला किया है कि वह सदन को चलने नहीं देगा। शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर भी उन्होंने कहा कि यह कदम देश के विकास के लिए जरूरी है और इससे पैसे की बचत होगी, साथ ही चुनावों में लगे लोग अपने मुख्य कामों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।





