नई दिल्ली/मुंबई: वैश्विक पटल पर आतंकवाद की बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत को अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद मित्र फ्रांस का कड़ा समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट शब्दों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। मैक्रों ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कहा कि आतंकवाद केवल भारत या फ्रांस की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा है और इसे जड़ से खत्म करने का उनका इरादा पूरी तरह से “पक्का और अडिग” है।
रणनीतिक साझेदारी: सीमा पार आतंकवाद पर प्रहार
राष्ट्रपति मैक्रों का यह बयान उस समय आया है जब दक्षिण एशिया में सुरक्षा की स्थितियां संवेदनशील बनी हुई हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- खुफिया जानकारी साझा करना: भारत और फ्रांस ने आतंकवादियों की गतिविधियों, उनके वित्तपोषण (Funding) और कट्टरवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी (Intelligence) को रीयल-टाइम में साझा करने पर सहमति जताई है।
- साइबर आतंकवाद पर लगाम: तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए दोनों देशों ने साइबर स्पेस के जरिए फैलने वाले आतंकवाद और ऑनलाइन कट्टरपंथ को रोकने के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स के गठन पर चर्चा की।
- सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र: मैक्रों ने जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद का खात्मा अनिवार्य है, जिसमें फ्रांस एक महत्वपूर्ण साझेदार की भूमिका निभाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
बैठक के बाद जारी साझा बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के किसी भी स्वरूप को स्वीकार न करने की बात दोहराई:
- आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध: दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर आतंकवादी समूहों और उनके संरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दबाव बनाने का संकल्प लिया।
- सप्लाई चेन पर नजर: आतंकवादियों को मिलने वाले हथियारों और लॉजिस्टिक सपोर्ट को काटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- रक्षा सहयोग: फ्रांस ने भारत को अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और निगरानी उपकरण प्रदान करने का आश्वासन दिया है, जो आतंकवाद विरोधी अभियानों (Anti-terror Operations) में भारतीय सुरक्षा बलों की क्षमता को बढ़ाएंगे।
मैक्रों का संदेश: ‘हमारा इरादा पक्का’
राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि फ्रांस हर संकट की घड़ी में भारत के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी रहेगा:
- भरोसेमंद दोस्ती: उन्होंने कहा कि फ्रांस और भारत का रक्षा और सुरक्षा सहयोग केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धरातल पर क्रियान्वित हो रहा है।
- वैश्विक स्थिरता: मैक्रों के अनुसार, भारत और फ्रांस की यह एकजुटता दुनिया भर के उन ताकतों को कड़ा संदेश है जो हिंसा के जरिए अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।





