Top 5 This Week

Related Posts

आईसीयू सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को बनेगी एसओपी, रखरखाव व आपूर्ति पर तय होगी जवाबदेही

नई दिल्ली। देशभर में आईसीयू सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) सेवाओं के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर मरीजों को इलाज के दौरान कहीं भी और किसी भी स्तर पर लापरवाही का सामना न करना पड़े।

सूत्रों के मुताबिक, इस एसओपी में न केवल आईसीयू में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का मानक तय होगा, बल्कि मशीनों और उपकरणों के नियमित रखरखाव और दवाओं-ऑक्सीजन जैसी जीवन रक्षक आपूर्ति की निरंतर उपलब्धता पर भी कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी। अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी परिस्थिति में आईसीयू सेवाएं बाधित न हों।
स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि कोरोना महामारी के दौरान सामने आई चुनौतियों ने आईसीयू सेवाओं में खामियों और असमानताओं को उजागर किया था। कई जगह उपकरणों की खराबी और आपूर्ति में बाधा ने मरीजों की स्थिति को गंभीर बना दिया। यही वजह है कि अब एक統ीकृत ढांचा तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गई है।

प्रस्तावित एसओपी में स्टाफ की उपलब्धता, प्रशिक्षण, इमरजेंसी प्रोटोकॉल और मरीजों की निगरानी की आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही, निजी और सरकारी अस्पतालों में सेवाओं का एक समान मानक लागू करने पर भी जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से न केवल आईसीयू सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जवाबदेही तय होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर जनता का भरोसा भी और मजबूत होगा।

Popular Articles