नई दिल्ली (27 मार्च, 2026): विदेश में पढ़ाई करने या नौकरी पाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय अंग्रेजी भाषा दक्षता परीक्षा आईईएलटीएस (IELTS – International English Language Testing System) के आयोजन और मूल्यांकन पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है, जिससे यह परीक्षा अब पहले से कहीं अधिक आसान, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल हो जाएगी। परीक्षा आयोजित करने वाली वैश्विक संस्थाओं, आईडीपी (IDP) और ब्रिटिश काउंसिल (British Council) ने एक संयुक्त घोषणा में बताया है कि जून 2026 से पारंपरिक पेन-पेपर मोड (Pen-Paper Mode) को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आईईएलटीएस परीक्षा को शत-प्रतिशत कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test – CBT) बनाया जाएगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए सबसे बड़ी सौगात यह है कि अब उन्हें पूरी परीक्षा दोबारा देने की जरूरत नहीं होगी, वे किसी एक सेक्शन में कम अंक आने पर केवल उसी सेक्शन का ‘सेक्शन रिटेक’ (Section Retake) दे सकते हैं, जो विदेश जाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा: आधुनिक और तीव्र परिणाम
जून 2026 से आईईएलटीएस परीक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा:
- पेन-पेपर मोड का अंत: आईडीपी और ब्रिटिश काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि जून 2026 के बाद पेन और पेपर पर परीक्षा देने का पारंपरिक तरीका समाप्त हो जाएगा। अब सभी उम्मीदवारों को परीक्षा के तीन मुख्य सेक्शन – रीडिंग (Reading), लिसनिंग (Listening) और राइटिंग (Writing) – कंप्यूटर पर ही देने होंगे।
- विशेष छूट: हालांकि, जिन छात्रों को कंप्यूटर के कीबोर्ड पर टाइप करने में कठिनाई होती है, उनके लिए एक विशेष छूट दी गई है। वे राइटिंग सेक्शन के लिए कागज पर लिखने (Handwritten Option) का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन बाकी तीन सेक्शन (रीडिंग, लिसनिंग और स्पीकिंग) उन्हें कंप्यूटर पर ही देने होंगे। स्पीकिंग (Speaking) सेक्शन हमेशा की तरह एक प्रमाणित परीक्षक (Examiner) के साथ आमने-सामने (Face-to-Face) ही होगा।
- तीव्र परिणाम: कंप्यूटर आधारित परीक्षा का एक बड़ा फायदा यह होगा कि परीक्षा परिणाम (Result) अब पहले की तुलना में बहुत जल्दी, महज 3 से 5 दिनों में घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे छात्रों को अपने आगे की योजना बनाने में आसानी होगी।
‘सेक्शन रिटेक’: छात्रों के लिए बड़ी राहत, 60 दिनों में सुधारें अंक
परीक्षा प्रणाली में किया गया दूसरा सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव ‘सेक्शन रिटेक’ की सुविधा है:
- पूरी परीक्षा दोबारा नहीं: अब यदि किसी उम्मीदवार के राइटिंग, रीडिंग, लिसनिंग या स्पीकिंग के सेक्शन में से किसी एक में कम अंक आते हैं, तो उसे पूरी परीक्षा दोबारा नहीं देनी होगी। वह केवल उसी सेक्शन का ‘सेक्शन रिटेक’ दे सकता है, जिसमें वह अपने अंक सुधारना चाहता है।
- 60 दिनों का समय: उम्मीदवार को मूल परीक्षा (Original Test) के 60 दिनों के भीतर ‘सेक्शन रिटेक’ के लिए आवेदन करना होगा और परीक्षा देनी होगी। इस सुविधा से छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
- अधिक संस्थानों में मान्यता: आईडीपी और ब्रिटिश काउंसिल ने बताया कि दुनिया भर के 12,000 से अधिक विश्वविद्यालय और संस्थान आईईएलटीएस परीक्षा के आधार पर छात्रों को प्रवेश देते हैं। ‘सेक्शन रिटेक’ के बाद भी, उम्मीदवार के सर्वश्रेष्ठ अंकों वाले स्कोरकार्ड (Scorecard) को ही मान्यता दी जाएगी।





