अमरावती। आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने प्रदेश के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इनमें 13 नगर निगम और 87 नगर पालिकाएं व नगर पंचायतें शामिल हैं। आयोग ने यह फैसला उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से कथित तौर पर रोके जाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के मद्देनजर लिया है।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने बुधवार देर रात आदेश जारी कर चुनाव प्रक्रिया रोकने की घोषणा की। आयोग अब जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई करेगा।
वाईएसआर कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
यह मामला वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। पार्टी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग खारिज कर दी गई थी।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि उसके कई उम्मीदवारों को धमकाया गया, उन पर हमले किए गए और नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। पार्टी ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देने और नामांकन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी।
25 अक्टूबर तक जारी नहीं होगी उम्मीदवारों की अंतिम सूची
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को 25 अक्टूबर तक उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी नहीं करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आयोग से शिकायतों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करने को कहा है। साथ ही, आयोग को यह तय करने का निर्देश दिया गया है कि जिन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की समस्या के कारण उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके, वहां नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने की जरूरत है या नहीं।
अदालत के निर्देश के अनुसार, जहां नामांकन की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी, वहां उम्मीदवारों को निर्णय की घोषणा के बाद कम से कम 48 घंटे का अतिरिक्त समय देना होगा।
पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को उम्मीदवारों और नामांकन केंद्रों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए उम्मीदवारों को बिना किसी भय के नामांकन दाखिल करने का अवसर मिलना जरूरी है।
राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि जिला कलेक्टरों, चुनाव अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का आदेश जारी किया जाएगा। मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित है।





