Saturday, January 31, 2026

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आंध्र प्रदेश का $10 बिलियन ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट: भारत की नई स्वच्छ ऊर्जा पहचान

भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। 17 जनवरी को आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा में AM Green के ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया कॉम्प्लेक्स का पहला बड़ा उपकरण स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री N. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण शामिल होंगे। यह परियोजना सिर्फ एक औद्योगिक पहल नहीं, बल्कि भारत के ऊर्जा भविष्य का रोडमैप है।

$10 बिलियन का मेगा क्लीन एनर्जी निवेश

करीब 10 अरब डॉलर (लगभग ₹82,000 करोड़) के निवेश के साथ यह भारत के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में से एक है। निर्माण के दौरान यह 8,000 से अधिक नौकरियां पैदा करेगा, जबकि संचालन के चरण में उच्च-कुशल रोजगार के नए अवसर खुलेंगे—खासकर नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज और पोर्ट सेवाओं में।

दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन अमोनिया प्लांट

AM Green भारत का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन अमोनिया कॉम्प्लेक्स विकसित कर रहा है। इसकी क्षमता होगी 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष। यह मौजूदा अमोनिया-यूरिया संयंत्र के ब्राउनफील्ड कन्वर्ज़न के जरिए बनाया जा रहा है—यानी पुराने ढांचे को आधुनिक हरित तकनीक में बदला जा रहा है।

परियोजना चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी:

  • 2027: 0.5 मिलियन टन/वर्ष
  • 2028: 1 मिलियन टन/वर्ष
  • 2030: पूर्ण क्षमता 1.5 मिलियन टन/वर्ष

एंड-टू-एंड ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम

यह परियोजना आंध्र प्रदेश को भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत हरित ऊर्जा हब बनाती है। इसमें शामिल हैं:

  • 7.5 गीगावॉट सोलर और विंड पावर
  • 1,950 मेगावॉट इलेक्ट्रोलाइज़र क्षमता
  • 2 गीगावॉट राउंड-द-क्लॉक नवीकरणीय ऊर्जा
  • पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, जिसमें भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट पिन्नापुरम में स्थित है

यह मॉडल बिजली उत्पादन से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और पोर्ट आधारित निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन को एक ही राज्य में जोड़ता है।

वैश्विक निर्यात से जुड़ा भारत

AM Green ने जर्मनी की कंपनी Uniper के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते किए हैं और जापान व सिंगापुर के साथ बातचीत जारी है।

पिछले साल कंपनी ने Port of Rotterdam Authority के साथ साझेदारी की, जिससे भारत-यूरोप के बीच ग्रीन फ्यूल कॉरिडोर बनेगा। इसका लक्ष्य हर साल 10 लाख टन तक ग्रीन फ्यूल व्यापार करना है, जिसकी कीमत लगभग $1 बिलियन होगी।

इसके अलावा, DP World के साथ मिलकर ग्रीन फ्यूल स्टोरेज और एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जा रहा है।

स्वच्छ ऊर्जा में आंध्र प्रदेश की लीडरशिप

यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश की Integrated Clean Energy Policy, 2024 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य राज्य को भारत की ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया राजधानी बनाना है। सरकार तेज मंजूरियों, नीति समर्थन और बुनियादी ढांचे के विकास का भरोसा दे रही है।

भारत की ऊर्जा कहानी में टर्निंग पॉइंट

एक बार चालू होने के बाद, यह सुविधा भारत के पहले ग्रीन अमोनिया निर्यात को सक्षम बनाएगी, जिसका उपयोग वैश्विक स्तर पर स्वच्छ शिपिंग ईंधन, बिजली उत्पादन और ग्रीन हाइड्रोजन वाहक के रूप में किया जाएगा।

यह परियोजना भारत को ऊर्जा आयातक से स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है—और आंध्र प्रदेश को वैश्विक हरित ऊर्जा मानचित्र के केंद्र में स्थापित करती है।

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