देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ धामी सरकार का कड़ा रुख जारी है। इसी क्रम में प्रशासन ने बीती रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात को अंजाम दी गई, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
रात के अंधेरे में हुई बड़ी कार्रवाई
प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि शहर के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मजार का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने रात के समय अभियान चलाने का निर्णय लिया। आधी रात के बाद जब शहर सो रहा था, तब बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची और अवैध निर्माण को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या विरोध को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया था। इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी और आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुसार की गई है और इससे पहले संबंधित पक्ष को नोटिस भी दिया गया था।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग और राजस्व विभाग की जमीनों पर चिन्हित किए गए अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने का काम पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
स्थानीय प्रशासन का वक्तव्य
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सरकारी जमीन को भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है। मजार हटाए जाने के बाद खाली हुई जमीन को अब कटीले तारों से घेरकर सुरक्षित किया जा रहा है ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।




