गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को घोषणा की कि देशभर में जब्त की गई 4,794 करोड़ रुपये की कीमत की ड्रग्स मंगलवार को नष्ट की जाएंगी। यह पहल भारत सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देश को नशामुक्त बनाना है।
ड्रग्स विनाश प्रक्रिया कब और कहां?
अमित शाह मंगलवार से शुरू होने वाले एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ड्रग्स विनाश प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। यह दो दिवसीय सम्मेलन राजधानी में आयोजित हो रहा है, जिसमें देशभर की एएनटीएफ इकाइयां शामिल होंगी।
सरकार का संकल्प
शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ड्रग्स के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भारत की सभी एएनटीएफ को एकजुट कर ड्रग्स के खतरे को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।”
एनसीबी की भूमिका और रिपोर्ट
सम्मेलन का आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) कर रहा है। इसका विषय रखा गया है— “संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी”। गृह मंत्री इस दौरान एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट 2024 भी जारी करेंगे।
क्यों अहम है यह कदम?
भारत सरकार हाल के वर्षों में ड्रग्स की तस्करी और सेवन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। एनसीबी और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाइयों में लगातार बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का नष्ट होना न केवल तस्करों को संदेश देगा, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
गृह मंत्रालय का यह कदम ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेगा और इसे देशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश करेगा।





