नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक अनिश्चितता और विवाद पर बुधवार को पूर्ण विराम लग गया, जब लोकसभा ने अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाले एक ऐतिहासिक विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया। ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ को सदन में भारी समर्थन मिला, जहाँ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress), और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सहित कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने एक सुर में इसका समर्थन किया। यह विधेयक आंध्र प्रदेश के विकास और स्थिरता के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, और यह राज्य के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
ऐतिहासिक विधेयक का पारित होना: अमरावती के लिए एक नई शुरुआत
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ को चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने और राज्य के विकास के लिए एक नई शुरुआत प्रदान करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वह राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस विधेयक के पारित होने से अमरावती में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को गति मिलेगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
कांग्रेस का समर्थन और विशेष दर्जे की मांग: मणिकम टैगोर का बयान
विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए, कांग्रेस सदस्य मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कानून का पूरी तरह समर्थन करती है और वह अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ी रही है और वह राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, मणिकम टैगोर ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा (Special Status) दिए जाने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया और कहा कि केंद्र सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष दर्जा आंध्र प्रदेश के विकास के लिए एक आवश्यक शर्त है और केंद्र सरकार को इस पर जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए।
टीडीपी और अन्य दलों का समर्थन: अमरावती के लिए एक एकजुट दृष्टिकोण
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सहित आंध्र प्रदेश के अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस विधेयक का स्वागत किया और इसका समर्थन किया। टीडीपी सदस्यों ने कहा कि अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी के लिए एक उपयुक्त स्थान है और वे केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस विधेयक के पारित होने से राज्य में राजनीतिक स्थिरता आएगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। अन्य दलों के सदस्यों ने भी इस विधेयक पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि यह आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
यह विधेयक आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी विवाद को समाप्त करने और राज्य के विकास के लिए एक नई शुरुआत प्रदान करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में, केंद्र और राज्य सरकार अमरावती के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे और राज्य को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाएंगे।





