नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC 2026) के दौरान न केवल छात्रों के परीक्षा संबंधी तनाव को दूर किया, बल्कि अपनी उम्र और सक्रियता को लेकर किए गए एक सवाल पर अपनी भविष्य की योजनाओं से सबको चौंका दिया। कार्यक्रम के दौरान जब एक छात्र ने प्रधानमंत्री से उनकी अटूट ऊर्जा और बढ़ती उम्र के बावजूद काम करने के जज्बे के बारे में पूछा, तो पीएम ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वे अभी खुद को थका हुआ महसूस नहीं करते क्योंकि उनके लक्ष्यों की सूची में ’25 साल अभी और बाकी हैं’। प्रधानमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे उनके 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है।
उम्र महज एक आंकड़ा: ऊर्जा का रहस्य साझा किया
प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए अपनी जीवनशैली और मानसिक दृढ़ता के बारे में विस्तार से चर्चा की:
- संकल्प की शक्ति: पीएम ने कहा कि जब मन में देश के लिए कुछ करने का बड़ा संकल्प होता है, तो थकान महसूस नहीं होती। उन्होंने छात्रों को समझाया कि यदि वे पढ़ाई को बोझ के बजाय एक मिशन की तरह देखेंगे, तो उन्हें भी कभी थकान नहीं होगी।
- 2047 का लक्ष्य: प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान भारत की आजादी के 100वें वर्ष (2047) तक देश को विकसित बनाने पर है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “लोग मेरी उम्र पूछते हैं, लेकिन मेरा कैलेंडर अभी अगले 25 वर्षों के कामों से भरा हुआ है।”
संवाद की बड़ी बातें: छात्रों के लिए सीख
प्रधानमंत्री ने उम्र के संदर्भ में छात्रों को जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया रखने की सलाह दी:
- कभी न खत्म होने वाली जिज्ञासा: पीएम ने कहा कि वे आज भी खुद को एक विद्यार्थी मानते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि जिस दिन आपके भीतर सीखने की इच्छा खत्म हो जाएगी, आप बूढ़े होने लगेंगे।
- शारीरिक और मानसिक संतुलन: उन्होंने बताया कि योग, अनुशासन और समय प्रबंधन (Time Management) ही उनकी लंबी कार्यक्षमता का आधार है।
- युवाओं से कनेक्टिविटी: पीएम ने कहा कि वे जब भी युवाओं के बीच होते हैं, तो उनकी ऊर्जा और विचारों से खुद को भी युवा महसूस करने लगते हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
प्रधानमंत्री के इस “25 साल बाकी हैं” वाले बयान को राजनीतिक गलियारों में भी काफी गहराई से लिया जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि यह उनके दीर्घकालिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद छात्रों के लिए यह एक बड़ा प्रेरणादायक क्षण रहा, जब उन्होंने देश के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति को इतनी सादगी और भविष्य के प्रति उत्साह के साथ बात करते देखा।
निष्कर्ष: ‘एग्जाम वॉरियर’ को मिला नया दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने इस संवाद के जरिए यह संदेश दिया कि उम्र केवल शरीर की होती है, मन की नहीं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा को नकारात्मकता और परीक्षा के डर में बर्बाद करने के बजाय, नए कौशल सीखने और खुद को भविष्य के लिए तैयार करने में लगाएं।
“मुझसे मेरी ऊर्जा का राज पूछा जाता है। सच तो यह है कि जब मैं आप जैसे करोड़ों युवाओं के चेहरों पर मुस्कान देखता हूं, तो मेरी थकान मिट जाती है। अभी बहुत कुछ करना बाकी है, भारत को विकसित बनाने के लिए मेरे पास अभी 25 वर्षों का रोडमैप तैयार है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री





