अदन/सना।
यमन के हूती विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में एक डच ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब लाल सागर और अदन की खाड़ी के समुद्री मार्ग पहले से ही असुरक्षा और लगातार हमलों के कारण चिंता का विषय बने हुए हैं।
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ने अपने बयान में दावा किया कि यह हमला ‘विदेशी ताकतों और उनके सहयोगियों’ के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक यमन पर बाहरी दखल और नाकेबंदी समाप्त नहीं होती। हालांकि, हमले में जहाज को कितना नुकसान हुआ या चालक दल की स्थिति क्या रही, इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के लिए अदन की खाड़ी बेहद अहम मानी जाती है। यह क्षेत्र यूरोप और एशिया के बीच प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग है। यहां जहाजों पर बार-बार होने वाले हमले से वैश्विक आपूर्ति शृंखला और ऊर्जा परिवहन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने जहाज मालिकों और चालक दल को अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि वे अदन की खाड़ी और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ाएं। साथ ही, अमेरिकी और यूरोपीय नौसेना बल इस क्षेत्र में गश्त तेज कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यमन में पिछले कई वर्षों से गृहयुद्ध जारी है। ईरान समर्थित हूती विद्रोही और सऊदी अरब समर्थित सरकारी गठबंधन के बीच संघर्ष ने न सिर्फ इस देश की स्थिरता को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को भी लगातार असुरक्षित बना दिया है।





