देहरादून। राजस्व संग्रहण के मोर्चे पर उत्तराखंड ने अगस्त माह में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य में जीएसटी से प्राप्त राजस्व में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत नौ प्रतिशत से लगभग दोगुनी है। इस बढ़त के साथ उत्तराखंड देश के टॉप टेन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है।
816.88 करोड़ का संग्रहण
वित्तीय वर्ष 2025 के अगस्त माह में उत्तराखंड को जीएसटी से कुल 816.88 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि पिछले वर्ष अगस्त 2024 में यह आंकड़ा 696.58 करोड़ रुपये था। इस प्रकार राज्य को इस वर्ष 120 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला।
2.10 लाख व्यापारी और फर्में पंजीकृत
राज्य में वर्तमान में 2.10 लाख से अधिक व्यापारी और फर्में जीएसटी प्रणाली में पंजीकृत हैं। लगातार बढ़ते व्यवसाय और बेहतर निगरानी तंत्र की वजह से कर संग्रहण में सुधार दर्ज किया जा रहा है।
टॉप टेन में उत्तराखंड
अगस्त तक जीएसटी संग्रहण के आधार पर उत्तराखंड सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों के साथ टॉप टेन में जगह बना चुका है। कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखंड ने यह उपलब्धि हासिल की है।
त्योहारी सीजन में बढ़ने की उम्मीद
राज्य कर आयुक्त सोनिका ने बताया कि अगस्त माह में जीएसटी संग्रहण में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। आगामी त्योहारी सीजन में सितंबर और अक्तूबर माह में राजस्व संग्रहण और बढ़ने की संभावना है।
कड़ी निगरानी और कार्रवाई
जीएसटी चोरी रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर गठित टीमें सक्रिय रूप से निगरानी कर रही हैं। टैक्स चोरी में लिप्त कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिससे राजस्व संग्रहण और मजबूत होगा।
इस तरह उत्तराखंड ने न केवल अपनी कर प्रणाली को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत की है।





