कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल: अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय की गुहार और जांच का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में अभिनेत्री उर्मिला सनावर शुक्रवार को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश हुईं। उर्मिला ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपना मोबाइल फोन साक्ष्य के रूप में न्यायालय को सौंप दिया है। माना जा रहा है कि इस मोबाइल फोन में केस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, संदेश या कॉल रिकॉर्ड्स हो सकते हैं, जो अभियोजन पक्ष को आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत करने में मदद करेंगे। कोर्ट ने मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्यों अहम है अभिनेत्री का कोर्ट पहुंचना?
उर्मिला सनावर शुरू से ही अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मुहिम में सक्रिय रही हैं:
- डिजिटल साक्ष्य की भूमिका: सूत्रों के अनुसार, उर्मिला के पास घटनाक्रम से संबंधित कुछ ऐसी जानकारियां या संवाद हो सकते हैं जो सीधे तौर पर वीआईपी (VIP) गेस्ट या रिजॉर्ट के कामकाज से जुड़े थे।
- स्वैच्छिक सहयोग: अभिनेत्री ने स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग की पेशकश की है, जिसे कानूनी जानकार एक साहसिक कदम मान रहे हैं।
- न्यायालय की कार्यवाही: न्यायाधीश ने उर्मिला के बयान दर्ज करने के साथ-साथ उनके द्वारा जमा किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सील करने के निर्देश दिए हैं।
अंकिता भंडारी केस का संक्षिप्त पृष्ठभूमि
यह मामला न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में सुर्खियों में रहा है:
- वारदात: ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी।
- आरोपी: मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप है। वर्तमान में तीनों जेल में बंद हैं।
- VIP का रहस्य: इस पूरे केस में उस ‘वीआईपी’ व्यक्ति की पहचान को लेकर लगातार मांग उठती रही है, जिसे ‘विशेष सेवा’ देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था।
न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम
उर्मिला सनावर के मोबाइल फोन की जांच से जांच एजेंसियां कई कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेंगी:
- डेटा रिकवरी: फॉरेंसिक लैब मोबाइल से हटाए गए डेटा या पुराने चैट्स को रिकवर करने की कोशिश करेगी ताकि यह देखा जा सके कि क्या इसमें घटना के समय के कोई महत्वपूर्ण सुराग मौजूद हैं।
- गवाहों की फेहरिस्त: मामले में अब तक कई गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। उर्मिला का सहयोग इस हाई-प्रोफाइल मामले को एक नई दिशा दे सकता है।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद बरकरार
अंकिता के माता-पिता और उत्तराखंड की जनता लगातार फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द फैसले की मांग कर रही है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर का कोर्ट पहुंचना और तकनीकी साक्ष्य सौंपना इस बात का संकेत है कि मामले की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं। पुलिस और अभियोजन पक्ष अब इस नए साक्ष्य के आधार पर अपनी दलीलों को और पुख्ता करने की तैयारी में है।





